एक राष्ट्र दो ध्वज : जम्मू कश्मीर की राह पर कर्नाटक राज्य





दोस्तों , दक्षिण भारत की संस्कृति ,विरासत एवं भाषाओ का इतिहास काफी पुराना है  यह देश का सबसे सुप्रशिक्षित एवं समृद्ध क्षेत्र माना जाता है ! यहां  के लोग काफी मेहनती एवं अपने क्षेत्रीय  बदलाव के निरंतर  प्रेरक रहे है ! दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक का एक गौरवशाली इतिहास है फिर चाहे वो  पौराणिक संस्कृति से  लेकर आधुनिकतम तकनीकी सामयिकी  क्यों न हो ? यह भारत के अग्रणी और निरंतर विकास को गतिशील राज्यों में आता है ! इसकी राजधानी बेंगलुरु जिसे भारतीय आई टी कंपनियों की भरमार के कारण इसे देश की सिलिकॉन वेली भी कहा जाता है ! बेंगलुरु भारत का ऐसा आधुनिक शहर है जहां भारत के अलग अलग क्षेत्रों से युवा रोज़गार के लिए आते है जो उनके लिए सपनों का शहर है ! हमारे देश की  विरासत और एकता का सूत्र अनेकता में एकता  तो है साथ ही यही हमारी विडम्बना भी है की  भांति भांति  के लोग होने के कारण क्षेत्रीयता एवं संस्कृति की अस्मियता के नाम पर राजनीति कार्ड खेलकर राजनीतिज्ञ अपनी रोटियाँ सेंकती रहती है , हालाँकि सभी इस बात से भिज्ञ है की क्षेत्रीयता के ये पहलू उनके लिए जीने के तीन स्तम्भ रोटी कपड़ा एवं मकान की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर सकते परन्तु भारत की महान राजनीति और इसको करने वाले राजनीतिज्ञ , लोगो की भावनाओं के साथ खेल कर अपने को नायक साबित करने के लिए ओछी राजनीति करने से नहीं कतराते !



दक्षिण भारत में हिंदी भाषा का विरोध कोई आम बात नहीं है क्योंकि यहां के लोग उनकी क्षेत्रीय भाषा को हिंदी के मुकाबले काफी पुरानी एवं गौरवशाली मानते है और इनके विचार से कोई अन्य क्षेत्र का व्यक्ति उनके क्षेत्र में आता है तो उनकी भाषा को अपनाएँ एवं उनकी संस्कृति में घुले मिले जो एक देश की अखंडता में कोई रुकावट पैदा नहीं करता ! देखा जाए तो भारतीय भाषा हिंदी संपूर्ण देश की राष्ट्रीय भाषा है उसका सभी क्षेत्रों में  प्रयोग होना चाहिए परन्तु ये भी स्वाभाविक है की अगर आप किसी अन्य क्षेत्र में जाकर व्यवसाय या काम करते है तो वहां के अनुरूप संस्कृति में मिलना एवं भाषा का अपनाना भी उस क्षेत्र को कुछ अर्जित करने के बदले में लौटाना जैसा ही  है I हालांकि   ये सब भी एक राजनीति चिंगारी है जो कुछ अलगाव वादियों और क्षेत्रीयता के कट्टर समर्थक लोगो को ही सजग रखती है और हिंसात्मक एवं विरोध के शोले भड़काए रखती है I मौजूदा कर्नाटक राज्य की  कांग्रेस सरकार ने अलग राज्य ध्वज की मांग को जायज़ ठहराते हुए एक 9 सदस्य की एक समिति बनाई है I यह एक प्रकार से 2018  के विधान सभा के चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस ने कन्नड़ अस्मियता का कार्ड खेला है जो क्षेत्रीय वाद विवाद को बढ़ावा दे रहे है ! वहीँ अपने आपको राष्ट्रवादी की धोतक बताने वाली भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार रहते हुए 2012  में इस मांग को खारिज कर चुकी है परन्तु  चुनावों को देखकर दबे सुर में इसका विरोध कर रही है तथा अन्य लोग इसको समर्थन देकर आग में घी डालने का काम कर रहे है !



वर्ष 1960  एम ए राममुर्ति ने इस ध्वज को प्रयोग में लाया था जो की बेंगलुरु के लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता रहे है I 60  के दशक से ही इसे राज्य में मान्यता देने के पक्षधरों की अलग ही लिस्ट रही है परन्तु आज तक इसे कानूनी मान्यता नहीं दी गयी है I झंडा दो अलग रंग पीला एवं लाल रंग में है जो की कन्नड़ लोगो की प्रमाणिकता एवं इसकी भाषा को प्रदर्शित करता है I दो समानांतर पट्टियां क्रमश: पीला एवं कुमकुम रंग राज्य की अस्मियता को प्रदर्शित करता है I 1 नवंबर को राज्य  दिवस के मौके पर यह सरकारी आवासो एवं घरों पर शौक से फहराया जाता है जिसका किसी प्रकार का कोई विरोध नहीं है परन्तु मौजूदा सरकार ने भारतीय संविधान के हवाला देकर एक 9  सदस्य समिति का गठन कर लिया है जो इसके प्रारूप एवं स्थाईत्व पर जांच करेगी वहीँ देश  की मौजूदा बीजेपी सरकार एवं गृह मंत्रालय ने इस मांग को खारिज कर दिया है !


दरअसल राज्य की वर्तमान सरकार ने आगामी विधान सभा को लेकर यह कदम उठाया है जो की कन्नड़ अस्मियता के समर्थक लोगो में एक गहरी छाप छोड़ने एवं अपनी जीत सुनिश्चित करने के इरादे से है I  जिसका  विपक्ष  लोगो की भावना देखकर कड़े शब्दों में  विरोध भी नहीं कर पा रही है ! इसी निर्णय के चलते आग में घी डालने  का काम कुछ असामाजिक  तत्व और गुट कर रहे है जो जगह जगह लिखी गयी हिंदी भाषा पर कालिख पोत रहे है अथवा तोड फोड़  कर रहे है I


यहां इस बात को सोचने की जरुरत है की  पहले से ही धारा 370  लागू होने के कारण अलग ध्वज का इस्तेमाल कर आये दिन अब जम्मू कश्मीर में अलगाव वाद की चिंगारिया भड़कती है और सेना का  विरोध ,पत्थरबाज़ी जगजाहिर है I ऐसे में अलग ध्वज की मांग को स्वीकार कर  राजनीतिक महत्वाकांक्षा के मद्देनज़र अलगाव वाद को जायज़ ठहराना कहा से जायज़ है ? भारतीय तिरंगा झंडा क्षेत्रीय विभिन्नता के बावजूद भी एक सूत्र में सभी क्षेत्रों को बांधे रखता है ! इस तरह की मांगो को स्वीकार कर लिया जाए तो दूसरे राज्य भी ऐसे क्षेत्रीयता को बढ़ाने  देने वाली मांगो को लेकर उठ खड़े होंगे और एक बार पुनः  भारत पूर्व में बिखरी रियासतों जैसा हो जाएगा और अखंडता छिन्न भिन्न हो जाएगी !

फ़र्ज़ कीजिये सेना में भी एक झंडा एक देश की प्रवत्ति है I जब कभी भारतीय सेना कोई दुश्मन का कोई किला अथवा गढ़ जीतती है तो शान से तिरंगा फहराती है ! वहीँ अगर इस तरह की मांगो को देखा जाए तो वो दिन दूर नहीं रहेगा जब टोली में शामिल अलग अलग क्षेत्र के सैनिक अपने क्षेत्र के झंडे फहराएंगे ऐसे में देश की अस्मियता पर सवालिया निशाँ खड़ा हो जाएगा I


दोस्तों अलग ध्वज रखना कोई अप्रिय बात नहीं परन्तु ये सोच हमे देश की अखंडता से पृथक रखती है एवं अलगाव वाद को प्रेरित करती है ! वहीँ हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अलग अलग सम्प्रदायों ,क्षेत्रों ,भाषाओ की भिन्नता के बावजूद एक सूत्र में बांधे रखता है ! 

आप इस बारे में क्या सोचते है नीचे कमेंट में अपने विचार अवश्य प्रकट करे साथ ही इसे अपने प्रिय जन में शेयर कर अधिक लोगो तक पहुंचने में मदद करें एवं इसी तरह के रोचक तथ्य को प्राप्त करने हेतु हमारे पेज को सब्सक्राइब करें !!!

Comments

  1. Desh ki shaan tirangaa he ..

    ReplyDelete
  2. one nation one flag

    ReplyDelete
  3. the country needs to stand against such corruptionists.

    ReplyDelete
    Replies
    1. obviously `..its dangerous for unity

      Delete
  4. no one should divide the country.
    I love your blogs.

    ReplyDelete
  5. Superb brother ..well written !

    ReplyDelete
  6. kya baat hai .. accha likha hai

    ReplyDelete
  7. day by day kamaal kar rahe ho sir ji

    ReplyDelete
  8. Rohitash Prajapati25 July 2017 at 23:45

    bohot khub ! tiranga hi hmara prateek he

    ReplyDelete
  9. Our Flag is best .. Tiranga humari shaan hai

    ReplyDelete
  10. Guys please checkout the peom section, my poem got posted.I am so happy.Thank you so much Sir.

    ReplyDelete
    Replies
    1. Really it's nice..

      Delete
    2. Thank you i m glad you liked it.

      Delete
    3. Very nice ...I have seen your poem

      Delete
    4. very good

      Delete
  11. Very nice

    ReplyDelete
  12. Its matter of politics .. politician fool us every time

    ReplyDelete
  13. Some issue ruined our unity !!!f

    ReplyDelete
  14. Tiranga humari shan hai. One nation one flag hi rhega

    ReplyDelete
  15. Dirty Politics .. India is great and our flag is our identity !!

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

बम्बई अंडरवर्ल्ड की अनसुनी कहानी की वेब सीरिज़

जीवन के प्रति नज़रिया