आखिर मोदी इजराइल क्यों जा रहे है ?



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दोस्तों , पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की इजराइल यात्रा को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है ! मोदी जी की ये यात्रा इस माह में 4  जुलाई से प्राम्भ हो रही है !  भारत और इजराइल डिप्लोमैटिक रिश्ते में एक और नया इतिहास लिखा जाने वाला है ! इजराइल के लोग और सरकार हमारे प्रधानमंत्री के इस दौरे से बहुत ही उत्साहित है ! एक और जहाँ इजराइल के प्रतिष्ठित समाचार पत्र ने लिखा है की इजराइल में दुनिया का ताक़तवर शख्स आ रहा है ! वही दूसरी और इजराइल के प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन  नेतन्याहू  ने अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से लिखा है की मैं अपने परम मित्र श्री नरेंद्र मोदी कीअपने देश की यात्रा से काफी रोमांचित हूँ ! एक और मोदी जी इजराइल फिलिस्तीन के विवादित क्षेत्र में नहीं जाने से इजराइल के साथ एक और नया  रिश्ता जोड़ दिया है ! हमारी स्वाधीनता के एक वर्ष बाद 15  मई 1948  को आज़ाद हुए इजराइल देश में 70  वर्षो बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री यात्रा करेंगे ! 2015  में हमारे राष्ट्रपति श्री प्रणब  मुखर्जी ने आधिकारिक तौर पर इजराइल का दौरा किया था ! हालाँकि 1992  में आपस में डिप्लोमेटिक रिश्ते की शुरुवात करने वाले दोनों देश के बीच का रिश्ता इतना प्रगाढ़ है जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती है ! भारत इजराइल से रक्षा प्रणाली  एवं व्यापारिक समझौते से एक प्रखर राष्ट्र तौर पर उभरा है ! इजराइल ने ही 1999  में भारत पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में भारत को  आयुध  प्रदान किये थे साथ ही दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ने के लिए सैन्य प्रशिक्षण दिया था जिसके बदौलत भारतीय शूरमाओं ने विजय पताका लहराई ! भारत ने हालाँकि इजराइल और फिलिस्तीन कनफ्लिक्ट में तटस्थ भूमिका निभाई है और अभी मोदी जी इस विवादित क्षेत्र में नहीं जाने का निर्णय लेकर एक और नया रिश्ता बनाने का प्रयास किया है ! आज इस लेख के माध्यम से समझेंगे मोदी की इजराइल यात्रा के क्या मायने है ? और दुनिया का एक मात्र यहूदी राष्ट्र चारो और से दुश्मनों से गिरा हुआ इजराइल की ताकत समझते है साथ ही भारत के साथ प्रगाढ़ रिश्तो की परतों को बारीकी से समझते है !  


इजराइल का इतिहास और भारत के सम्बन्ध :

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इजराइल की सभ्यता यूँ तो 2000  साल पुरानी है परन्तु  माना  जाता है  की  हिटलर के अत्याचारों से आतंकित होकर यहूदी लोगो ने  दुनिया के कई हिस्सों में शरण ली और  बहुसंख्यक यहूदियों ने इस आधुनिक इजराइल की नीव रखी ! भारत से क्षेत्र में कई गुना छोटा दुनिया का एक मात्र यहूदी देश इजराइल चारो और से दुश्मनों से गिरा हुआ है ! अपने आज़ादी के तुरंत बाद अरब देश ने इजराइल पर  हमला किया हथियारों की कमी और सेना के अभाव में भी इजराइल ने युद्ध में विजय हासिल की ! अब तक अरब देशों ने इजराइल पर 6  बार हमला किया है हर बार उन्हें मुँह की खानी पड़ी है ! एक बार तो एक साथ 7 अरब देशों ने मिलकर इजराइल पर हमला किया था परन्तु इजराइल न केवल इस युद्ध में विजय हुआ अपितु उसने अरब का विवादित क्षेत्र भी हड़प लिया!

इजराइल राष्ट्र की पॉलिसी है की अगर  कोई देश और आतंकवादी उनके देश के एक  नागरिक को  मारता है तो इजराइली सेना उनको पूरी दुनिया में ढूंढ कर मारेगी और यही नहीं उनके एक नागरिक के बदले 50  नागरिकों की जान लेगी ! वर्ष 1972  में फिलिस्तीन के आतंकियों ने म्यूनिख में खेल के दौरान 12  इजराइली खिलाड़ियों को मार दिया था ! तब तत्कालीन इजराइली प्रधानमंत्री गोल्डा मायेर  ने हमारे देश के नेताओं जैसे इस घटना की निंदा नहीं की अपितु इन खिलाड़ियों के परिवारों से कहा की हम इसका बदला ज़रूर लेंगे ! और अपनी सुरक्षा एजेंसी मोसाद को आदेश दिया की इन आतंकियों को पूरी दुनिया से ढूंढ कर मौत के घाट उतारा जाए ! तब मोसाद ने इस काम का यही अंजाम दिया ! इसी तरह वर्ष 1976  में  फिलिस्तीनी आतंकियों द्वारा इजराइली प्लेन को हाइजैक कर युगांडा ले जाया गया ! तब इजराइली सेना ने अपनी सुरक्षा एजेंसी मोसाद की सूचना के आधार पर युगांडा में घुस कर आतंकवादियों को मार कर करीब 100  बंधकों को आज़ाद करवाया यही नहीं आतंकियों की मदद कर रहे 46 युगांडा के सैनिकों को भी मार गिराया साथ ही करीब 30 लड़ाकू विमानों को भी ध्वस्त कर दिया !

इजराइली  लोग अपने देश के प्रति देश भक्ति की भावना और अगाढ़ आस्था के परिचायक है ! लोगो ने  मध्यकाल में ग़ुम हुई इबरू भाषा को न केवल  पुनर्जीवित किया बल्कि  इसे अपनी राष्ट्रीय भाषा बनाया ! इजराइली  विधार्थियो को अपने जीवन काल में एक बार सेना की ट्रेनिंग अवश्य लेनी पड़ती है ! जिसमे छात्रों को 3  वर्ष और छात्राओं  को 2  वर्ष की सेना में अभ्यास का प्रशिक्षण लेना होता है ! यही नियम वह के उच्च अधिकारियों और प्रधानमंत्री के सन्तानो पर भी लागू होता है ! इजराइल की वायु सेना पूरे विश्व में चौथे पायदान पर है ! ये किसी भी हमले को रोकने में सक्षम भी है और उसका मुँह तोड़ जवाब देने में भी ! इजराइल पूरे विश्व में एक मात्र देश है जो पूरी तरह एंटी मिसाइल तकनीक से लेस्स है ! कोई भी देश उस पर मिसाइल से हमला नहीं कर सकता ! इजराइल देश अमेरिका की सिलिकॉन वेल्ली के बाद सबसे ज्यादा आई टी कंपनियों वाला देश है ! विश्व का प्रथम मोबाइल फ़ोन मोटोरोला कंपनी ने इजराइल में ही बनाया था ! इंटेल की चीप तथा ब्लूटूथ का निर्माण भी इजराइल में  हुआ है ! भारत से काफी छोटा होने के बावजूद इजराइल सामरिक और आर्थिक क्षेत्र में हमसे कई आगे है !

इजराइल सदैव भारत को अपना मित्र राष्ट्र मानता आया है और कई मोर्चों में भारत की मदद करता आया है ! आज़ाद इजराइल के प्रथम संसद सभा में भारत की तारीफ़ में कहा था की पूरे विश्व में इजराइल के अलावा यहूदी कहीं सुरक्षित है तो भारत देश में ! आपको बता दू की विस्थापन  समय के पश्चात यहूदी लोग भारत में कई सालों से रहते आये है और सुरक्षित है ! उन्होंने भारत की संस्कृति को अपनाया है और भारत को दिया भी है मुंबई का गेट वे ऑफ़ इंडिया और रानी बाग़ इसी का एक बेहतरीन उदाहरण है ! इजराइल पूरी दुनिया में फैले यहूदीयो को अपना नागरिक मानता है ! भारत के इसी प्यार के प्रति अपना मित्रता का व्यवहार प्रकट करते आया है ! इजराइल ने वर्ष 1971 में हथियारों से भरा एक हवाई जहाज़ भारत में भेजा था ! यही नहीं उनकी प्रमुख सुरक्षा एजेंसी मोसाद के एक्सपर्ट्स ने भारतीयों सैनिकों और बांग्लादेशी मुक्ति वाहिनी के लोगो को ट्रेनिंग दी थी ! यह बात दुनिया के सामने कभी नहीं आती अगर अमेरिकी लेखक गेर्री बेस इसका अपनी किताब में जिक्र नहीं करते ! यही नहीं वर्ष 1999  में हुए कारगिल युद्ध में भी इजराइली सैनिकों ने भारतीय सेनिको को ऊचाई पर बैठे दुश्मनों से लड़ने की ट्रेनिंग दी थी ! साथ ही आधुनिक हथियार और नेवीगेशन सिस्टम उपलब्ध करवाए थे ! इजराइल और भारत की इसी दोस्ती के कारण इजराइल से भारत अपने व्यापारिक रिश्ते तथा कूटनीतिक रिश्ते प्रगाढ़ रूप से बनाये हुए है ! वही रूस के बाद इजराइल ही भारत को आधुनिक हथियार और सुरक्षा के साधन उपलब्ध करवाता है !

मोदी जी के इजराइल दौरे के मायने :

हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  अब तक कई देशों की यात्रा कर चुके है ! इन दौरों से हमारे देश की कूटनीतिक और विदेश नीति को काफी बल मिला है जिससे हम कई देशों को अपने साथ लेने में सक्षम हुए है ! इजराइल हमारा परम मित्र राष्ट्र है परन्तु आज़ादी के 70  वर्षो बाद भी कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजराइल नहीं गया ! इसी कारण इस दौरे को और मजबूत रिश्तो के साथ देखा जा रहा है ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक इजराइल दौरा मंगलवार को शुरू होगा. पूरी दुनिया की निगाहें इस दौरे पर लगी है, ये पहली बार है कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल जा रहा है. मोदी के इस दौरे से भारत की रक्षा नीति और डिफेंस सिस्टम को एक अहम मजबूती मिलेगी. वहीं कूटनीतिक के मामले में भी इस दौरे से कई उम्मीद लगाई जा सकती है I पीएम मोदी ने इजराइल से अच्छे संबंध बनाने के लिए फिलिस्तीन से थोड़ी दूरी बनाई है. मोदी इस यात्रा से पहले और बाद में फिलिस्तीन नहीं जाएंगे. हालांकि इससे पहले भारत दोनों देशों से संबंधों को अच्छा बनाने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों से एक साथ ही मुलाकात करते थे I
यूं तो सभी की नजर भारत और इजराइल के रक्षा सौदों पर है, लेकिन इसके अलावा भी इन दोनों देशों के बीच कई और तरह के समझौते होंगे. इसमें आईटी, कृषि जैसे अहम समझौते हैं. वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देश जल्द ही फ्री ट्रेड की ओर बढ़ रहे हैं. जिससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिल सकता है. वहीं इसके साथ ही भारत इजराइल का 10वां सबसे बड़ा बिज़नेस पार्टनर बनेगा Iगंगा के एक हिस्से की सफाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और इजराइल में समझौता हो सकता है. वहीं उच्च तकनीकी, जल प्रबंधन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सैन्य सहयोग, स्मार्ट सिटी, शोध से जुड़े समझौते होने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच उद्योग शोध और विकास के लिए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एक कोष बन सकता हैI भारत दुनिया की चौथी बड़ी इकोनॉमी है, यही कारण है कि इजराइल भी हमारे साथ अच्छे संबंध चाहता है. इजराइल भारत की इस शक्ति का प्रयोग मध्य-पूर्व के साथ एशिया के अन्य देशों के साथ कूटनीतिक सौदेबाजी में कर सकता है. वहीं इजराइल की नजर भी भारत के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्वच्छ गंगा, स्मार्ट-सिटी और राष्ट्रीय कृषि बाजार पहले काफी फलदायी हो सकती हैं!

  
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Comments

  1. Manish Khandelwal3 July 2017 at 09:51

    awesome diplomacy !!

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  2. India's true Friend ..well written

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  3. you describe whole history brother . Well done

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    1. keep up the fantastic work

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    2. He is best on his work

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    3. who are you talking out?

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    4. I am talking about @Sawan sir

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    5. Oh! I thought about the prime minister.

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    6. Both are doing good in their respective fields ..

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    7. ha!true that.

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    8. but i dont know him personally so cant comment anything.

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    9. See it doesn't matter
      Appreciate or comment on his work nothing else .

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    10. doesnt it feel wrong to appreciate people even though you dont know about them,it kinda looks fake.

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    12. who are you ?? please stop this kind of comments !!

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    13. And there are people who have suffered deaths in the riots he caused.

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    16. oh ! good for you.

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    17. "And there are people who have suffered deaths in the riots he caused." well said

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  5. Good to know he is our first prime minister who visit Israel ...

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  6. Our prime minister is maintaining good relations with other countries

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  7. Thanks to all For the comment.. keep supporting !!!

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    1. I apologize sir for my comment.

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    2. Its OK neha . you can send me you queries on udaancontent@gmail.com

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  8. Nice brother Your all blogs are full bag of information..its show your hard work and deep research

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  9. Puri duniya ghum rhe hai .India ki policy philistine k sath rehne ki h na ki uske against jaane ki

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    1. if india joins hands with israel that means they get into enimety with philistines,so he has to use his judgement .

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  10. Rohitash Prajapati5 July 2017 at 13:35

    Bhai Israel bhut taakatwar desh he.

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  11. well done

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