कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन से थर्राता पाकिस्तान



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दोस्तों, हर एक जिम्मेदार देश अपने पर होने वाले वाले हमले से पूर्व सचेत होकर युद्ध की नीतियों एवं रणनीति को बनाता है परन्तु कहते है न की आग लगने पर ही कुआ नहीं खोदना चाहिए ! इसकी पूर्व में ही तैयारी होनी चाइये उसी प्रकार युद्ध में उत्पन्न होने वाली हर परिस्थिति से पूर्व में सेना की तैयारी होनी चाहिए ! ताकि दुश्मन देश द्वारा किये हमले में हम  दुश्मन को मुँह तोड़ जवाब दे सके ! इस पूर्व में सेना की तैयारी अथवा कुशल रणनीति को उस देश की आर्मी या मिलट्री डॉक्ट्रिन अथवा सैन्य सिद्धांत कहते है ! वर्ष 1947  में आज़ाद होने के बाद भारत अब तक अपने दो पडोसी देशो चीन एवं पाकिस्तान के साथ  से 5 बार युद्ध कर चूका है ! जिसमे 4  पाकिस्तान एवं 1  चीन के साथ ; हमारे सेना के जवान हर समय हमारे देश की सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद रहते है ! परन्तु वो कहते है न अच्छी रणनीति एवं कुशल नेतृत्व आपको हर हमेशा विजय दिलाएगा और आए दिन युद्ध की धमकी देने वाले एवं आतंकियों द्वारा  प्रॉक्सी वॉर  चलाने वाला पडोसी देश पाकिस्तान से युद्ध के संकट का हर समय बना रहता है ! परन्तु वो कहते है न अच्छी रणनीति एवं कुशल नेतृत्व आपको हर हमेशा विजय दिलाएगा ! इसी को मद्दे नज़र रखते हुए भारत ने  पाकिस्तान के खिलाफ  अपना  सैन्य सिद्धांत बनाया है ! जिससे युद्ध की परिस्थिति में  परमाणु हमले की महज़ कोरी अफवाह देने वाला पाकिस्तान देश थर्राता है !

कोल्ड स्टार्ट की उत्पत्ति एवं कार्य प्रणाली :

कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन से पूर्व में हमारे पास सुंदरजी डॉक्ट्रिन थी जो की वर्ष 1981  से 2004  के बीच प्रचलित थी ! इसके अनुसार कुछ सेना के ट्रूप्स सीमावर्ती इलाको में हो रही हलचल पर निगरानी रखते थे  ! ताकि युद्ध का आभास होते ही हमले की रणनीति बना  सके ! यह डॉक्ट्रिन परपरागत युद्ध के हालत में  बहुत ही सटीक थी और हमे कारगिल युद्ध में आखिर कार विजय मिली परन्तु अचानक हुए हमले अथवा आंतकवादी घटनाओ में सार्थक नहीं थी ! मसलन वर्ष 2001 में हमारी संसद पर हमला किया गया !

तब सेना ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया था परन्तु तब की वाजपेयी सरकार ने वर्ष 2002  में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की रणनीति बनाई परन्तु इस डॉक्ट्रिन के अनुसार सैनिको और हथियारों के  मोबिलाइजेशन (लामबंदी ) में बहुत समय लगता है ! भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है जहा युद्ध की स्थिति में सब चीज़ को लामबंद करने में समय लगता है ! युद्ध की स्तिथि में सभी सैनिको को छुट्टी रद्द कर दी जाती है ! भारी मात्रा में राशन इक्कठा करना ; सैन्य सामग्री के लिए आयुध निर्माण करने वाली कंपनियों को निरंतर आपूर्ति के लिए आर्डर देना ! भरी टेंको को ट्रैन के माध्यम से ही सीमा पर भेजा जा सकता है ! जिसके लिए ट्रैन मार्ग को अवरुद्ध करना पड़ता था और तब की डॉक्ट्रिन के अनुसार हम रिज़र्व फाॅर्स और हथियारों को मध्य भाग में रखते थे ताकि जरुरत रखने पर पूर्व अथवा पश्चिम की सिमा में भेजा जा सके ! इस तरह किसी देश द्वारा अचानक किये हमले में हमे लामबंदी में काफी टाइम लगता था ! जिससे दुश्मन भी सतर्क हो जाता था जिससे हम उसका अधिक नुक्सान नहीं कर सकते थे ! तब भी भारतीय सेना को 27  दिन लग गए थे पाकिस्तान के खिलाफ लामबंद होने में  फलस्वरूप पाकिस्तान भी सतर्क हो गया ! वही  पता लगने पर अंतराष्ट्रीय समुदाय भी दो देशो के बीच युद्ध का विरोध करता है ! इस डॉक्ट्रिन की खामियों के कारण यह युद्ध नहीं हो सका ! अगर उस समय यह युद्ध होता तो पाकिस्तान का बहुत नुकसान होता !

कारगिल युद्ध के बाद वेद प्रकाश मलिक के बाद सेना प्रुमख बने जनरल पद्मनाभम ने नई युद्ध नीति या सिद्धांत को बनाया  जिसे "कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन" कहते है ! यह डॉक्ट्रिन जर्मनी की डॉक्ट्रिन ब्लिट्ज़क्रीग की  तर्ज़ पर बनाया जिसे द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी ने प्रभावी तरीके से अपनाया था ! इस नीति के अनुसार कई अप्रत्याशित कदम उठाये गए मसलन पूर्व जो 8 ट्रूप जो की युद्ध के हालत में तैयार रहते थे उनकी संख्या को 3  में विभाजित किया और उन्हें अत्याधुनिक हथियार और भरपूर मात्रा में आपूर्ति के साथ तैयार रखा गया तथा इन रिजर्व  फाॅर्स को पश्चिम की सीमा के पास रखा गया ताकि युद्ध की हालत में ये पश्चिम तक होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश कर दुश्मन के पूर्वी  सीमा तक कब्ज़ा कर ले ! इस प्रकिया में लामबंदी में होने वाले समय को नकार कर हर वक्त युद्ध के लिए तैयार रहना अपनाया ताकि जरुरत पड़ने पर मात्र 48  घंटो में दुश्मन के प्रमुख ठिकानो पर कब्ज़ा कर लेना और अधिक से अधिक नुकसान करना है !

'कोल्ड स्टार्ट' भारत की सेना द्वारा विकसित नवीन सैन्य सिद्धान्त है, जिसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ संभावित युद्ध को ध्यान में रखकर विकसित किया है। 'कोल्ड स्टार्ट' सिद्धांत के अनुसार आदेश मिलने के 48 घंटों के भीतर हमला शुरू किया जा सकता है। इतने कम समय में हमला करने से भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को आश्चर्यचकित कर देगी। इस पद्धति में भारतीय सेना के विभिन्न हिस्सों को आक्रमण के लिए एकीकृत करने पर जोर दिया गया है। इस तरह का अभियान पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में होगा।


प्रभाव :

कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत का एक उद्देश्य युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को परमाणु हमले से रोकना है, क्योंकि उसे परमाणु हमले के लिए जरा भी समय नहीं देना है। इस योजना में मूलत: तेजी से हमले पर जोर दिया गया है। बख्तरबंद वाहन और तोपखाना पाकिस्तान के इलाके में कम-से-कम समय में प्रवेश कराया जा सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेनाओं को कुछ हफ्तों के स्थान पर केवल कुछ दिनों में ही तैनात करने के लिए कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत बनाया गया था। इसका परीक्षण अभी युद्ध में किया जाना शेष है। इसका उद्देश्य है कि तत्काल लामबंदी और त्वरित हमले से पाकिस्तान को आश्चर्यचकित कर देना।

पाकिस्तान हर समय ये धमकी देता है की युद्ध की परिस्थिति में वो परमाणु बम का प्रयोग करेगा परन्तु भारत की कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन के हिसाब से भारतीय सेना बहुत ही कम समय में पाकिस्तान के कई इलाको पर कब्ज़ा कर उसके इस इरादे पर पानी फेर देगी ! वही इसके कई इलाको के हाथ से चला जाने के बाद पाकिस्तान परमाणु हथियार भी इस्तेमाल नहीं कर पाएगा !

वही पाकिस्तान ने इस नीति को देखते हुए नयी नीति   ये अपनाई की वो कम दुरी और कम तीव्रता वाले परमाणु बम का प्रयोग करेगा परन्तु यह बात खुद की कब्र खोदे जैसी हो जाएगी क्यूंकि भारतीय परमाणु युद्ध नीति के अनुसार पहले वो आक्रमण नहीं करेगा परन्तु दुश्मन देश के परमाणु हमले के जवाब वो भी इसका इस्तेमाल करेगा तो पाकिस्तान से कई अधिक अत्याधुनिक परमाणु हथियारों से लेस्स भारत पाकिस्तान के नमो निशान मिटा देगा !

यही कारण है की वर्ष 2004 में नए सिद्धांत बनने के बाद पाकिस्तान कभी सीधा हमले करने की सोच ही नहीं पाया है वो सीमा पार आतंकवादियों को भेज कर प्रॉक्सी वार लड़ता है ! पाकिस्तान का अखबार  डॉन लिखता  है की कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा खतरा है वही अमेरिकी नवल इंस्टिट्यूट लिखता है की कोल्ड स्टार्ट बड़ी ही जबरदस्त रणनीति है !

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Comments

  1. Your sentence formation is a tiny bit weak but it's okay.

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    1. Bro .No Its Not i m Not agree with you !! His all sentences or heading are excellent

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    2. That's okay everyone has different views.

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    3. thank you.

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  2. thanks for your suggestion ...will do correct and better it .. :)

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  3. well written !!!

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  4. the nuclear war will ruin generations.

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    1. yeah ...some countries do not want to understand this !

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  5. I studied during my school how the people pf heroshima and nagasaki are still facing the consequences of the bombing still people are ready to damage mankind.

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    1. Next Generations Also affected by Nuclear Explosion ....

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