नाज़्का लाइन्स का रहस्य



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दोस्तों , दुनिया कई रहस्यमयी चीज़ो और जगहों से भरी पड़ी है , जिनके होने के कारणों के पुख्ता सबूत   का विज्ञान  आज तक कोई तर्क नहीं दे पाया है ! वैज्ञानिक कई सालो से इनकी खोज में लगे है परन्तु आज तक ऐसी पहेलियों को कोई नहीं सुलझा पाया है न ही आगे भी शायद कोई सुलझा पाए ! उन्ही अद्भुत एवं  रहस्यमयी जगहों में से एक है नाज़्का लाइन्स जो आज तक एक अनसुलझी पहेली बनी पड़ी है ! नाज़्का लाइन्स लेटिन अमेरिकी देश पेरू के दक्षिण में नाज़्का डेजर्ट में स्तिथ है ! नाज़्का लाइन्स विशालकाय आकृतियों से भरी पड़ी है !  सर्वप्रथम इसे वर्ष 1927  में  पेरुवियन  अर्चयोलॉजिस्ट तोरीबीओ  मेजिआ सेसस्पी ने नाज़्का की पहाड़ियों पर हाईकिंग के दौरान  इसे देखा था ! बाद में इसे कई लोगो ने अपनी हवाई यात्रा के दौरान हवाई जहाज के इस इलाके पर से गुजरने पर देखा ! करीब 800  सीधी रेखाए , 70  जानवरो की आकृतिया एवं 150  से भी ज्यादा ज्यामिति आकृतियों वाला ये क्षेत्र नाज़्का टाउन और पल्पा के बिच करीब 450  वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है ! ताज्जुब की बात यह है की इन विशालकाय आकृतियों को आसमान से अथवा एक निश्चित ऊचाई से ही देखा जा सकता है फिर क्यों पहली सदी से आठवीं सदी की नाज़्का सभ्यता की लोगो ने जमीन पर रह कर इतनी विशालकाय  आकृतियों का निर्माण किया जिसे सिर्फ आसमान से ही देखा जा सकता था  जबकि उस समय न ही उन लोगो के पास एयरक्राफ्ट था न ही हॉट बैलून और न ही उड़ने का साधन ! क्या उन्होंने इसे अपने देवता को दिखाने या खुश करने के लिए बनाये थे अथवा इन आकृतियों का निर्माण दूसरे गृह के प्राणियों ने अपनी धरती की यात्रा के दौरान बनाए थे जो की मुमकिन है क्यूंकि इतने बड़े विशाल एरिया में इतनी बड़ी आकृतियों को बनाना एलियन्स दवारा संभव हो सकता है ! साल 1994  में यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कर लिया है ! आइये नाज़्का लाइन्स के इसी इतिहास को समझते है एवं इसकी खोज में दिए गए तथ्यों को सिलसिलेवार समझते है !

आकृतियों का इतिहास :
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करीब 500 ईस्वी पूर्व एवं 500 ईस्वी बाद के मध्य काल में बनी यह आकृतिया 450  वर्ग  किलोमीटर में फैली है ! इन आकृतियों को काली मिटटी की ऊपरी सतहों को हटा कर सफ़ेद सतह पर उकेरा गया है ! इन आकृतियों जिन्हे जिओ ग्लिफ्स भी कहा जाता है में करीब 70  जानवरो की आकृतियों , 150  से ज्यादा ज्यामितीय आकृतियों और 800  सीधी आकृतियों में बनाया गया है ! इन आकृतियों में सबसे बड़ी आकृति 1200 फ़ीट बड़ी और 9.5  किलोमीटर में बनाया गया है ! करीब 1500  सालो पूर्व बनायीं गयी ये आकृतिया आज भी वैसे ही सुरक्षित है जिसके पीछे का कारण है यहां के रेगिस्तान की जलवायु यह बहुत काम हवा बहती है और बारिश भी बहुत काम होती है ! इन आकृतियों को आसमान से भी अच्छे से देखने पर ही समझा जा सकता है ! इन आकृतियों में हमिंग बर्ड , कुत्ता  , कई पक्षी , मानव रूपी एस्ट्रोनॉट , एक 14 किमी सीधी हवाई पट्टी ,  साथ ही गणितीय ज्यामितीय आकृतिया और कई रहस्य्मयी आकृतियों को बनाया गया है !

आकृतियों के पीछे के तर्क :

खोज करने वाले वैज्ञानिक मानते है की सिर्फ आसमान से देखे जाने इन आकृतियों को नाज़्का  के लोगो ने बनाया था ! कई मान्यता के अनुसार नाज़्का लोग "इनके" सभ्यता के पूर्वज थे ! इनके सभ्यता 13 वी सदी में अमेरिका के एंडीज़ पर्वतमाला में फली फूली !  पूर्व की सभ्यताओं के अनुसार इनके सभ्यता के रहस्य्मयी क्रिएटर भगवान् वीरकोचा ने इन आकृतियों को बनाया है ! वीरकोचा एंडीज़ के महान शिक्षक भगवान् थे !

कुछ लोगो के अनुसार नाज़्का सभ्यता के लोगो ने देवता को खुश करने के लिए ये आकृतिया बनाई ताकि इस इलाके में समृद्धि और बारिश आये ! परन्तु इसके विपरीत कुछ लोगो का मानना है की इतने जानवरो की आकृतिया बनाना साथ ही इतनी बड़ी हवाई पट्टी जैसे सीधी लाइन बनाना किसी और चीज़ की तरह इंगित करता है जो की मानव और एलियंस के बीच की मुलाकात  के रूप में संजोयी गयी आकृतियों को भी दर्शाता है चूँकि वहां मानव रुपी एस्ट्रोनॉट की आकृति भी बनाई गयी है ! वही इसके उल्ट कुछ लोगो का मानना है की इतनी बड़ी आकृतियों को बिना विकसित औज़ारो के बनाना मानव के लिए संभव नहीं हो सकता है ! यह आकृतिया हो सकता है की एलियन्स ने अपनी धरती की यात्रा के दौरान विस्मृत चिन्हो  और याद के लिए बनाई थी  क्यूंकि इस तरह की आकृतिया आसमान से ही देखि जा सकती है !

आज भी कई वैज्ञानिक इसकी असली कारणों की तलाश में जुटे हुए है ! वही इस एरिया पर कई डॉक्यूमेंट्री किताबे , लेख लिखे गए है ! फिलहाल इसे देखने कई पर्यटक जाते है और हवाई यात्रा से इन आकृतियों को निहारते है ! यूनेस्को द्वारा इसे विश्व की ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया गया है ! आप भी इस रहस्य्मयी जगह काभ्रमण कर सकते है ! आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर कर अधिक लोगो में पहुंचाए साथ ही आप इसके बारे में जानते है तो अपने विचार कमेंट के माध्यम से अवश्य बताए !  








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