इंसानियत की सबसे बुरी चीज़ शैतानियत



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दोस्तों , इस लेख का सन्दर्भ हमारे अंदर बैठी रूह को टटोलने का है ! इस लेख को लिखने एवं इसको सारगर्भित करने का मेरा मुख्य आकर्षण इसलिए है की आज कोई भी इंसान जब निर्बल एवं निरीह प्राणी को देखता है तो उस पर हावी होने अथवा अपनी जोर आजमाइश को प्रदर्शित करने में कोई देर नहीं करता परन्तु वही इंसान जब अपने से बढ़कर कोई प्राणी से मिलता है तो उसके आगे नतमस्तक होता है ! मसलन हम अपने मालिक बॉस अथवा जो भी हमसे बलशाली , बुद्धिमान या कह दीजिये हमसे बेहतर हो उसके आगे हम सरेंडर करते है परन्तु वही अगर हमारे सामने मान  लीजिये कोई असहाय व्यक्ति , भिखारी कह लीजिये या हमारे गली का कुत्ता या अन्य कोई जीव ही आ जाए जिसपे हम हावी होने से एक पल नहीं कतराते ! दोस्तों मेरे कहने का मतलब यही है की हम से बस असहाय निर्बल प्राणी की मिलने की देर है फिर क्या हम उस  पर ऐसा टूट पड़ते है जैसे की हम अपनी इंसानियत को छोड़कर शैतानियत की राह अख्तियार कर लिए हो !  जैसे की शीर्षक से प्रतीत हो रहा है आज हम  इटली में 43 वर्ष पूर्ण घटित उस घटना का उल्लेख कर रहे है जिसमे  की इंसान को असहाय इंसान पर शैतान बनते दिखाया गया है ! मरीना अब्रामोविच आज  70  वर्ष की  परफॉरमेंस आर्टिस्ट हो चूँकि है  जिन्होंने  वर्ष 1974  में एक ऐतिहासिक परफॉरमेंस दी थी और इंसान में बसे शैतान को उजागर किया था ! आज 43  वर्ष बाद उन्ही की एक परफॉरमेंस के माध्यम से हो रहे  मानवकृत अपराध को समझते है !

मरीना अब्रामोविच :


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मरीना अब्रामोविच एक विश्व प्रसिद्ध परफॉरमेंस आर्टिस्ट है ! जिनका जन्म 30 नवंबर 1946 को युगोस्लाविया में हुआ था ! इनका काम अनोखा है. क्योंकि इनकी परफॉरमेंस में ऐसा नहीं होता कि ये किसी स्टेज पर हों, और बाकी लोग इन्हें देख या सुन रहे हों ! इनकी परफॉरमेंस ये ध्यान में रखते हुए की जातीं हैं कि वहां मौजूद सभी लोग इसका हिस्सा हों. कि वो मात्र परफॉरमेंस का भोग न करें, बल्कि खुद भी उसमें भाग लें.! मरीना को परफॉर्म करते हुए 30 साल से भी ज्यादा हो गए हैं. परफॉरमेंस आर्ट की दुनिया में इन्हें ‘बड़ी अम्मा’ कहा जाता है. क्योंकि इनकी परफॉरमेंस आपको खुद को टटोलने, अपने दर्द, दुख, अपने शरीर से बात करने पर मजबूर करती है. बिलकुल चुप रहकर की गई इनकी परफॉरमेंस लोगों को खुद से ही परिचित करवाती है !

कहते हैं जीवन में मुश्किलें हों तो सबसे सुंदर कला को जन्म मिलता है. सबसे सुंदर कविताएं रची जाती हैं. मरीना के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. मां और पिता में बनती नहीं थी. बचपन में मां खूब पीटा करती थीं. शरीर और दिमाग को इतना कुचला गया, कि उसमें कला के कीटाणुओं ने जन्म ले लिया.! बड़े होकर फाइन आर्ट्स की ट्रेनिंग ली. फिर परफॉरमेंस करने लगीं ; मूक, चेहरे पर दृढ़ता, आंखों में कठोरता का दर्द.लेकर  परफॉर्म करने लगी !


रिदम जीरो :

मरीना ने रिदम नाम से कई परफॉरमेंस दीं. इसमें से इनकी कुछ परफॉरमेंस हमेशा याद रखी गईं. ऐसी ही एक परफॉरमेंस थी रिदम जीरो ! वर्ष 1974  में  इटली के नेपल्स शहर में हुई इस परफॉरमेंस को लोग आज भी याद रखते है ! . मरीना इसके बारे में आज भी बात करती हुई देखी जाती हैं ! 6 घंटे चली इस परफॉरमेंस में मरीना ने कुछ भी नहीं किया था. वो सारे कपड़े उतारकर बस खड़ी रहीं. पास में एक टेबल था. टेबल पर 72 चीजें रखी हुई थीं. वहां आए लोगों को उन 72 चीजों में अपनी पसंद की चीज से मरीना के साथ कुछ भी करना था. मरीना ने लिखा था कि उनके साथ जो भी कुछ होता है, उसकी जिम्मेदारी वो खुद लेंगी Iइस परफॉरमेंस में कोई स्टेज नहीं था. उनका लक्ष्य बस इतना था: वो देखना चाहती थीं कि ऐसी स्थिति में पब्लिक किस हद तक जा सकती है I

यह परफॉरमेंस शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक चली ! इस परफॉरमेंस में लोगो को  टेबल पर रखी 72 चीज़ो को मरीना पर इस्तेमाल करना था !

पहले तो उनके करीब केवल फोटोग्राफर आए. फिर लोग आने शुरू हो गए. पहले तो केवल उन्हें देखते रहे Iकुछ ने उन्हें हिलाया-डुलाया. हाथ-पांव हिलाए. उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर खड़ा कर दिया Iफिर लोग टेबल की ओर बढ ;टेबल पर सुंदर वस्तुओं से लेकर खतरनाक वस्तुएं थीं. पंख और फूल थे. ब्लेड, चाकू और बंदूक भी थे Iएक व्यक्ति ने उन्हें ब्लेड से काट दिया और  एक व्यक्ति ने उन्हें लोडेड बंदूक खुद पर तानने के लिए कहा Iएक व्यक्ति ने उन्हें नग्न कर उनका शरीर जहां-तहां छुआ यही नहीं लोगों को इसपर भी सुकून नहीं पड़ा तो  उन्होंने मरीना के शरीर में कांटे भोंक दिए Iजब परफॉरमेंस ख़तम हुई, यानी 6 घंटे बाद, मरीना ने कमरे में चलना शुरू किया और हर एक व्यक्ति के पास गईं ,आंखों में आंखें डालकर खड़ी हो गईं. वे लोग जो उनको कुछ देर पहले हैरेस कर रहे थे, अब उनकी आंखों में भी नहीं देख पा रहे थे. मरीना ने उन्हें उनके अंदर का राक्षस दिखा दिया था I

मरीना ने बाद में कहा,

"इस परफॉरमेंस ने ये बताया कि इंसानियत की सबसे बुरी चीज क्या है. लोग आपको असहाय पाकर आपको पीड़ा देने का एक भी मौका नहीं गंवाते. ये बताता है कि कितना आसान है किसी इंसान को वस्तु बनाकर उसके साथ बुरा बर्ताव करना. खासकर जब वो इंसान कमज़ोर हो, और लड़ने की शक्ति न रखता हो. इससे पता चलता है कि अगर लोगों को मौका मिले, उन्हें राक्षस बनने में ज़रा भी वक़्त नहीं लगता."

निष्कर्ष :

दोस्तों हम निर्बल और असहाय लोगो पर उनकी कमजोरी का फायदा इसी प्रकार उठाते है !  भीड़ में पीठ रहे शख्स का वीडियो बना कर अपंग असहाय प्राणी को दुत्कार कर यही नहीं   निर्भया जैसी अकेली लड़की देखकर उसका बलात्कार कर उसके योनि में रोड घुसा कर उसकी आंत को बाहर निकल कर अपनी शैतानियत की नुमाईश करते है !

आज हमे अपनी अंतरात्मा में झाकने  की जरुरत है !  इसे अधिक से अधिक लोगो में पहुंचाए और अपने विचार अवश्य प्रकट करे !












Comments

  1. The weak and strong theory is so true.

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  2. the pic you kept for this topic compels to read the content.

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  3. people nowadays get so insecure when others get happy, they should be happy in what they have than opressing others.

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