मुंबई अंडर वर्ल्ड का पहला डॉन






hazi mastan


दोस्तों ,  अंडरवर्ल्ड की दुनिया , माफिया राज़ से आप भली भांति परिचित है ! अंडरवर्ल्ड डॉन और डी कंपनी का सरगना दाऊद इब्राहिम काश्गर को कौन नहीं जानता ? देश की आर्थिक नगरी मुंबई पर कई माफियाओ ने राज़ किया है और इसको छलनी किया है ! अभी इतना अंडरवर्ल्ड सक्रीय नहीं परन्तु आज भी ऐसी घटनाए सामने आती रहती है जिसमे इन अंडरवर्ल्ड के सरगनाओं के गुंडों की आपसी रंजिशे , माफिया वार हत्या लूट फिरोती की वारदातों का जिक्र होता रहता है ! मुंबई ने एक समय ऐसा दौर भी देखा है जब डी कंपनी व छोटा राजन गैंग का माफिया वार और सड़क पर खुनी संग्राम खुले आम होता था लेकिन आज हम आपको मुंबई अंडरवर्ल्ड के पहले ऐसे डॉन हाजी मस्तान  के बारे में बताने जा रहे है जिसने अपने पूरे जीवन में किसी की हत्या नहीं की I उसका खौफ पूरे मुंबई में नहीं अपितु पूरे महाराष्ट्र में था ! हाजी मस्तान उर्फ़ सुल्तान मिर्ज़ा का पूरा नाम मस्तान हैदर मिर्ज़ा था ! दो दशकों पर मुंबई पर राज़ करने वाला अंडरवर्ल्ड की दुनिया का यह पहला  डॉन था ! जिसे दाऊद भी अपना गुरु मानता  था ! इस गैंगस्टर ने 60 से 80 के दशक के बीच मुंबई पर राज़ किया ! कई लोग इसे मसीहा भी मानते थे ! अपने पूरे जीवन में बन्दूक रखने के बावजूद किसी की जान न लेना वाले इस माफिया डॉन के कुछ अनसुने किस्सों और जीवन को इस लेख के माध्यम से समझते है !

मस्तान हैदर मिर्ज़ा उर्फ़ हाजी मस्तान का जन्म 1  मार्च 1926  को तमिलनाडु के रामनाथपुरम के पास  पन्नेकुलम  गरीब मुस्लिम परिवार में हुआ था ! मुंबई आने से पहले उसका परिवार कोस्टल एरिया कुड्डलोरे में रहता था ! 8 साल के उम्र में वो अपने पिता के साथ मुंबई आया था !  पिता ने मुंबई के चरनी रोड पर एक साइकिल पंक्चर ठीक करने की दूकान लगाई और बड़ी मुश्किल से परिवार का भरण पोषण होता था ! 8 साल का मस्तान भी पिता के साथ काम करता ! रात में काम करके घर लौटे समय मुंबई की बड़ी इमारतों को निहारता रहता और मन में सोचता की एक दिन वो इस शहर पर राज़ करेगा !

आज़ादी के पश्चात उस समय के दौर में एक तरफ जहाँ भारत देश  अपना अस्तित्व विश्व पटल पर उदयमान होने के लिए जूझ रहा था वही तब के समय में बाहर के देशो से भारत में बैन वस्तुओ का स्मगलिंग करने का व्यापार भी बढ़ रहा था ! बहुत ज्यादा टैक्स होने के कारण भारत में निर्यात करना बहुत मुश्किल था !  ऐसे समय में एक अरबपति सेठ की नज़र जवान मिर्ज़ा पर पड़ी जिसे ऐसे लड़के की जरुरत थी जो डाकयार्ड से अपने बेग में स्मगल किये सोने  के बिस्किट चोरी छिपे बाहर ला सके ! यही से मिर्ज़ा की जुर्म की शुरुवात हुई ! उस के बाद उसने पीछे मुड़ कर नहीं देखा !

बाद में हाजी मस्तान के दोस्ती सुक्कुर नारायण  बखिआ से हुई जो की दमन का तस्कर था ! इन दोनों ने मिल कर गल्फ (खाड़ी) देशो से महंगी विदेशी वस्तुए जैसे घड़ी सोने के बिस्कुट को भारत में तस्कर किया ! उस समय मुंबई में छोटे मोटे और भी गैंग सक्रीय होने लगे परन्तु सब मिर्ज़ा के हिसाब से चलते ! माना जाता है की तब मुंबई में माफिआ राज़ पैर पसार रहा था और हाजी मस्तान पहला माफिया डॉन था ! हाजी मस्तान ने समुन्दर पर राज़ किया और मुंबई के लोगो से उसे कोई परेशानी नहीं थी ! मुंबई में अन्य सक्रीय गैंग के बीच ताल मेल बिठा कर उसने मुंबई पर एक छत्र राज किया ! अपने पुरे जीवन काल में कभी किसी की हत्या नहीं की परन्तु उसकी बोली ही उसका शासन थी ! मुंबई के भिंडी बाजार नागपाड़ा डोंगरी और साउथ मुंबई में उसका जनता दरबार लगता था ! उस समय के दौर में गरीब तबके के लोग उसे अपना मसीहा मानते थे जो उनकी मदद करता था !

सफ़ेद सलवार पजामा सफ़ेद जूते  मॅहगी सिगरेट और सफ़ेद  मरसडीस बेंज कार उसकी स्टाइल आइकॉन बन चुकी थी !  उसने अपने बचपन की ख्वाहिश को पूरा करते हुए मुंबई के पॉश इलाके पेड्डर रोड पर समुन्द्र किनारे अपना बंगलो बनाया ! हालांकि कहा जाता है की अपने इस बंगले की सबसे ऊपरी मंज़िल में एक छोटे से रूम में ही रहता था ! मिर्ज़ा को फ़िल्मी दुनिया से बहुत लगाव था ! कई फिल्म स्टारों की पार्टियों और कई फिल्मो के सेट पर उस दौर के कई कलाकारों से उसकी पहचान थी ! उसे उस दौर की मशहूर हीरोइन मुमताज़ से बहुत लगाव था जिससे वो शादी करना चाहता था परन्तु यह ख्वाहिश पूरी न हो सकी ! बाद में उसे मुमताज़ जिसने मुमताज़ जैसे दिखने वाली अदाकारा सोना से शादी की ! उसने उसकी कई फिल्मो में पैसा लगाया हालांकि वो उतनी सफल नहीं हो सकी !

कई लोगो का मानना है की हाजी मस्तान एक आम तस्कर ही था ,विदेशी मीडिया ने उसके बारे कई लेख छापकर उसे एक माफिआ डॉन बना दिया जिसका उसने खूब फायदा उठाया परन्तु ये बात भी सच है की उस समय उसका खौफ भी माफिया जगत में बहुत था ! इसी घटनाओ के चलते तब की प्रधानमंत्री श्रीमती इंडिया गाँधी ने इमरजेंसी के दौरान उसे भी जेल भेजा ! जेल में रहते हुए वो तब के आंदोलनकारी जय नारायण व्यास से काफी प्रभावित हुआ और जुर्म की दुनिया छोड़ उसने  राजनीती में आने का मन बनाया ! जेल से छूटने के बाद वो हज़्I की यात्रा पर गया जिसके पश्चात उसका नाम हाजी मस्तान पड़ा !

बाद में  हाजी मस्तान ने 1984  में दलित मुस्लिम सुरक्षा महामंच नामक राजनीतिक पार्टी बनाई ! हालांकि वो राजनीती में इतना सफल नहीं हुआ परन्तु लोगो में उसका विश्वास कायम था ! उसने एक बेटा गोद लिया था जिसका नाम था सुन्दर  शेखर जिसको वो सुलेमान मिर्ज़ा कह कर पुकारता था ! फिलहाल शेखर भारतीय माइनॉरिटीज सुरक्षा महामंच नामक इस पार्टी को चला रहा है !

हाजी मस्तान की जीवनी पर और उससे प्रेरित कई फिल्मे बनी दीवार डॉन तथा अजय देवगन की वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई जिसमे उसके किरदार को दर्शाया गया है ! हाल ही रिलीज़ सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म काला  कलीकरण भी मिर्ज़ा के जीवन से ही प्रेरित बताया जा रहा है !

दोस्तों अगर यह जानकारी आपको पसंद आयी हो तो इसे शेयर करे साथ ही अपने विचार हमे कमेंट के माध्यम से अवश्य दे !





Comments

  1. Dua me yad rkhana . my favroite Movie sultan mirza

    ReplyDelete
  2. he is don but godfather of poor people ...

    ReplyDelete
  3. Sultaan Mirza

    ReplyDelete
  4. He is good but arun gawali is Mumbai ka daddy .

    ReplyDelete
  5. Is Once upon a time in mumbai the story of This Sultan Mirza?

    ReplyDelete
    Replies
    1. Yes . Actor Ajay Devgn portrayed the character of Haji Mastan as Sultan Mirza in the film while Emraan Hashmi portrays underworld don Dawood Ibrahim as Shoaib Khan.

      Delete
    2. thank you for the info.

      Delete
  6. Bro.. well written .. keep it up your page is rocking !!

    ReplyDelete
  7. thanks to all for the comment!!

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

बम्बई अंडरवर्ल्ड की अनसुनी कहानी की वेब सीरिज़

एक राष्ट्र दो ध्वज : जम्मू कश्मीर की राह पर कर्नाटक राज्य

जीवन के प्रति नज़रिया