ऑरोविल ऐसा शहर जहां न भारत सरकार की चलती है न भारतीय पैसा



Auroville_Matrimandir.jpg

दोस्तों , कई बार ऐसी बातो का जिक्र होता है की मानवीयता अथवा इंसानियत की असीम परिकाष्ठा सर्व धर्मो से उठ कर है ! इंसानियत ही ऐसा धर्म है जो इंसान को एक दूसरे से जोड़ता है एवं बांध के रखता है जो धर्म से भी सर्वोपरि है ! कई ऐसे संघठन है जो मानवीयता की इस इकाई को जोड़े हुए है और हमेशा धर्म से ऊपर इंसानियत धर्म को उल्लेखित करने में तत्पर है  परन्तु दुनिया में इंसान धार्मिक बंधनो से जुड़ा है और अपने ही संघर्षो से भेदभाव के इस जीवन को आगे बढ़ाने में लगाने लगा है ! ऐसे में कुछ ऐसे ही संघठन है जो विभिन्न धर्मो को एक सूत्र में बांध के रखते है और सदैव इसमें तत्पर रहते है ! परन्तु आज में आपको ऐसे संघठन से नहीं परन्तु ऐसे शहर से अवगत करना चाहता हु जहां कोई धर्म नहीं बस इंसानियत है और इंसान बिना किसी भेदभाव के एक साथ रहते है ! यहां कोई  भगवान नहीं है नहीं कोई सरकार नहीं किसी अन्य का शासक ! यह जगह विश्व में कही और नहीं बस हमारे भारत देश मैं है जहाँ विश्व के 47  देशो के लोग रहते है और यहां न भारत सरकार का हस्तक्षेप न यहां भारत सरकार के क़ानून और न ही मुद्रा ! ओरोविल जिसका शाब्दिक अर्थ है  ऊषा नगरी अथवा नवजीवन की नगरी दक्षिण भारत स्थित पुडुचेरी के पास तमिलनाडु राज्य के विलुप्पुरम जिले में एक "प्रायोगिक " नगरी है। इसकी स्थापना 1968 में मीरा रिचर्ड ने की तथा इसकी रूपरेखा वास्तुकार रोजर ऐंगर ने तैयार की थी।ओरोविल का तात्पर्य एक ऐसी वैश्विक नगरी से है, जहां सभी देशों के स्त्री-पुरुष सभी जातियों, राजनीति तथा सभी राष्ट्रीयता से ऊपर उठकर शांति एवं प्रगतिशील सद्भावना की छांव में रह सकें। ओरोविल का उद्देश्य मानवीय एकता की अनुभूति करना है।आइये इस अद्भुत शहर की उत्त्पत्ति और इसके विज़न के महत्व को समझते है !
उत्पत्ति एवं इतिहास :

मानवीय एकता में एक प्रायोजन के लिए समर्पित अंतराष्ट्रीय भूमण्डल नगर का सिद्धांत वास्तव में भारत के महान दार्शनिक योगी श्री अरोबिन्दो से उत्पन्न हुआ ! फिर "दी मदर "कहलाने वाली फ्रांस में पैदा होने वाली उनकी आध्यात्मिक सहयोगी एवं सह कर्मी मीरा अल्फासा ने इसे स्थाई रूप दिया और इसका नाम ओरोविल रखकर कहा की " ओरोविल  एक भूमण्डलीय नगर बनना चाहता है जहाँ सभी देश के स्त्री पुरुष सभी वर्ग सभी राजनीती और राष्ट्र से बढ़कर शांति से और प्रगतिशील एकता से रह सकते है ! ओरोविल  का उद्देश्य मानव की एकता को अनुभूत करना है “

वर्ष 1965 में ओरोविल  के लिए दिया गया ये सार्वजानिक कथन था ! फिर 1966  में भारत सरकार द्वारा ओरोविल  के सिद्धांत को यूनेस्को की जनरल असेम्ब्ली में रखा गया और सर्वसम्मति से अनुमोदित हुआ ! 2 साल बाद 28 फरवरी 1968 में 124 राष्ट्र के युवा प्रतिनिधि और भारत के सभी प्रांतो ने मिलकर नगरवास का उद्धघाटन किया !

भारत सरकार द्वारा अनुमोदित इस शहर पर सरकार के  नियम और कानून नहीं ऑरोविल के सिद्धांत प्रयोग में लाये जाते है ! यही नहीं यहां के निवासी ऑरो मुद्रा का प्रयोग करते है ! भारत के इस शहर में अत्याधुनिक चीज़े मौजूद है ! यहां की शिक्षण प्रणाली आवास की शैली बहुत ही आधुनिक है ! फिलहाल यहां करीब 47 देशो के 2200 से अधिक लोग निवास करते है ! इसमें भारत देश के करीब 800  लोग भी है ! फिलहाल इस शहर को 50000 लोगो के लिए विकसित किया गया है ! यहां रहने के लिए ऑरोविल के सेवक बन कर रहना होता है ! पॉन्डिचेरी से करीब 10 किमी दूर तथा चेन्नई से 150 किमी दूर ये शहर को अत्याधुनिक साधनो से लेस्स कृतिम रूप से बसाया गया है ! यहां एक मंदिर है जिसे मातृ मंदिर भी कहा जाता है ! जहां किसी भगवान् की पूजा नहीं होती है , इस मंदिर परिसर में उपस्थित होकर लोग शांति का अनुभव करते है जहां उन्हें योग करवाया जाता है !

संकल्पना अथवा उद्देश्य :

  1. ऑरोविल विशेष रूप से किसी एक की संपत्ति नहीं है ! ऑरोविल सम्पूर्ण मानव समुदाय का अपना है लेकिन ऑरोविल में रहने के लिए किसी भी व्यक्ति को दिव्या सचेतता का सेवक बनकर रहना अनिवार्य है !
  2. ऑरोविल ऐसा स्थान होगा जहां अन्नंत शिक्षा , लगातार विकास होगा ! यहां कोई युवा कभी बूढ़ा नहीं होगा !
  3. ऑरोविल गत और भविष्य के बीच पूल बनना  चाहता है ! इसके बिना और इसके भीतर से सभी आविष्कारों का लाभ उठाते हुए ऑरोविल अटल बनकर भविष्य की अनुभूतियों की तरफ बढ़ेगा !
  4. वास्तविक मानवीय एकता के एक जीवित साकार के लिए ऑरोविल सामग्री और आध्यात्मिक अनुसंधानकर्ताओं का एक स्थल होगा !



यहां सालो से विभिन्न सम्प्रदायों और राष्ट्रों के लोग बिना किसी भेदभाव से रहते है ! यहां कृषि के उन्नत तरीको और आधुनिक विकसित शैक्षणिक प्रणाली को अपनाया जाता है ! भारत सरकार भी इस शहर को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाती है ! विश्व भर में इस संस्था के 2300 से अधिक केंद्र चलाए जाते है ! इस संस्था की एक ऑफिसियल वेबसाइट है जहां आप इससे जुड़ सकते है साथ ही इसके द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में भाग ले सकते है और इसके निवासी बन सकते है !

दोस्तों आपको यह जानकारी पसंद आयी हो तो इसे शेयर कर अधिक से अधिक लोगो में पहुंचाने की मदद करें ! साथ ही अपने विचार हमे कमेंट के माध्यम से अवश्य दे !



Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

बम्बई अंडरवर्ल्ड की अनसुनी कहानी की वेब सीरिज़

एक राष्ट्र दो ध्वज : जम्मू कश्मीर की राह पर कर्नाटक राज्य

जीवन के प्रति नज़रिया