डीयाटलोव पास का अनसुलझा रहस्य

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दोस्तों , दुनिया में कई ऐसी रहस्यमयी घटनाएं हुई है ; इन रहस्यमयी घटनाओ के कोई पुख्ता तर्क नहीं दे पाया है ! इस तरह की घटनाओ पर कोई भी एजेंसी या विज्ञान भी कोई तर्क देने में असमर्थ है !  आज ऐसी ही घटना के बारे में जानेगे जो की  वर्ष 1959 रूस में  उत्तरी यूरेल माउंटेन पर घटित हुई ! इस घटना ने सभी को हतप्रभ कर दिया था ! आज तक भी इस घटना के सही कारणों का कोई पता लगा नहीं पाया है ! इस घटना में रूस के 9  छात्रों की रहस्यमय तरीके से मौत हुई थी! जो की पर्वतारोही थे ! रूस में उस जगह का बाद में नाम बदलकर डियाटलोव पास रखा गया जो की इस 9 छात्रों के ग्रुप का लीडर था जिसका नाम इगोर  डियाटलोव था I

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इस ग्रुप के 9 छात्र रूस की यूरेल पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट के थे ! ये सभी छात्र पर्वतारोहण एवं रोमांच के शौक़ीन थे ! इस ग्रुप को खोलन स्यकल जो की रूस में स्तिथ उत्तरी यूरेल माउंटेन की एक चोंटी थी पर चढ़ाई करनी थी ! इस चोंटी को "द माउंटेन ऑफ़ डेड " भी कहा जाता है ! इस ग्रुप के9 सदस्यों के नाम क्रमशः इस प्रकार थे - यूरी दोरोशेंको , ल्यूडमिला दुबिनीना , इगोर डियाटलोव (लीडर) ,अलेक्सेंडर कोलेवातोव ,जिनैदा कोलमोगोरोवा , सेम्योन ज़ोलोटरोव , रुस्तम शबोडिन , निकोलाई थिबॉक्स तथा यूरी युदिन ! ग्रुप में 7 छात्र एवं 2 छात्र थी !यह लोग अपने साथ एक कैमरा भी ले कर चल रहे थे!  इन्होने अपने इस सफर के कई यादगार पलों को कैद किया था !  इन फोटोज में ये काफी उत्साहित एवं खुश दिखाई दे रहे थे !


परन्तु 2  फरवरी  1959  की रात को ऐसा क्या हुआ की नौ सदस्यों का ये दल वापस कभी लौट के नहीं आया ! इस राज़ पर से पर्दा आज तक नहीं उठा है! हैरानी की बात है की सभी नौ सदस्य इस यात्रा से काफी रोमांचित एवं अभिभूत थे लेकिन  इनमे से एक भी सदस्य वापस ज़िंदा नहीं लौटा !

करीब दो सप्ताह होने के बाद भी इस ग्रुप के नहीं लौटने पर एक दल को इन्हे खोजने के लिए माउंटेन पर भेजा गया !  खोज के दौरान इस दस्ते ने कुछ ऐसा पाया जिससे ये सब लोग हक्के बक्के रह गए ! `डियाटलोव ग्रुप के 5 सदस्यों का शव उनके द्वारा लगाए गए तम्बू के निकट अजीब अवस्था में पाए गए ! उनका टेंट भी जीर्ण शीर्ण अवस्था में पाया गया ! बाकी 4 सदस्यों का कोई अता  पता नहीं चला ! करीब 2 माह तक ढूंढने के पश्चात बाकी 4 सदस्यों के शव बर्फ में 4 फुट निचे दबे हुए पाए गए ! बाद में जब इनके मृत शरीर की जांच की गयी तो पाया गया की इनकी मौत भोजन के पश्चात 6-7 घंटो के भीतर हुई है ! परन्तु जाँच के दौरान इनके शरीर की कई हड्डिया टूटी पायी गयी तथा कुछ शवों की जीभ एवं आँखें भी गायब थी !


जाँच के दौरान पाया गया की वह कोई एवलांच ( बर्फ का तूफ़ान ) नहीं आया था और ना ही उस क्षेत्र में पहले कभी एवलांच आया था ! उन पर किसी जानवर ने भी कोई आक्रमण नहीं किया था क्यूंकि बर्फ पर उन लोगो के अलावा किसी और के निशाँ नहीं पाए गए ! फिर उस रात को ऐसा क्या हुआ की इन सभी लोगो के शव इस अवस्था में पाए गए यह कोई नहीं जानता ! उन सभी लोगो का शरीर हल्का नारंगी हो गया था एवं बाल सफ़ेद ! सभी लोगो के कपड़ो में रेडिएशन की मात्रा पायी गयी पर रेडिएशन का सोर्स क्या था? यह किसी को नहीं पता था ,जाँच दस्ता के सदस्य इस रहस्यमयी मौतों के कारण  को तेह तक ढूंढना चाहते थे ! इसी दौरान लोगो में इस घटना को लेकर काफी डर था ! रुसी सरकार ने उस जगह को 3 साल तक बंद रखा !


जांचकर्ता लेब आइवनब  का मानना था की उन 9 लोगो को एलियन्स ने मारा था ! रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में भी कुछ पर्वतारोहियों ने उस जगह पर सतरंगी रोशनियाँ देखि थी ! यहा तक की उन 9लोगो द्वारा ली गयी फोटो में भी कुछ अजीब सी रौशनी दिखाई दे रही थी उसके उलट कुछ लोगो का मानना था की उनकी मौत का कारण  पैराडोक्सिकल  स्ट्राइपिंग अर्थात शरीर में अत्यधिक गर्मी पैदा होने के दौरान कपड़ो को उतारने से एवं हाइपोथरमिआ की वजह से हुई परन्तु इस बात की भी पुष्टि नहीं हो पायी क्यूंकि उनके शरीर पर कई घाव पाए गए थे !


कुछ लोगो का यह भी मानना था की उस समय रूस की आर्मी फोर्सेज उस जगह खतरनाक हथियारों का परीक्षण कर रही थी जिसके चपेट में आने से उन सभी 9 लोगो की मृत्यु हुई ! इस घटना को लेकर सभी ने अपने अपने दावे प्रस्तुत किये परन्तु कोई भी इस रहस्यमयी घटना के कारणों के पुख्ता सबूत नहीं दे पाया ! आज भी यह जगह दुनिया में रहस्यमय बनी हुई है ! इस घटना के सन्दर्भ में कई लेखकों ने पुस्तके लिखी है ! इस घटना पर कई डॉक्मेंट्री जैसे रशियन हीथ द किलर लाइव्स तथा साल 2013  में आयी मूवी डियाटलोव द मिस्ट्री भी बनाई गयी ! आज भी कई लोग इस जगह पर जाने से कतराते है I


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